सूत्र संवेदना

जैन धर्म के सूत्रों की “मसालेदार” वर्तमान गुजराती ग्रंथावली है :

सूत्र संवेदना (सात भाग).

एक आचार्य के समकक्ष साध्वीजी श्री चंद्राननाश्रीजी (२०० से अधिक शिष्या-प्रशिष्याऐं) की शिष्या साध्वीजी प्रशमिताश्री जी ने “सूत्र संवेदना” ७ भागों में तैयार की है.

 

(अब तक छ: संस्करण छप गए हैं, अभी ये “प्रेस” में है यानि ये सेट अभी उपलब्ध नहीं है, ऐसी जानकारी मिली है ).

१. सामायिक के सूत्र : २८८ पेज
२. चैत्यवंदन सूत्र : ३१० पेज
३. प्रतिक्रमण के सूत्र : १७० पेज
४. वन्दित्तु सूत्र : २५८ पेज
५. आयरिय उवज्झाय  से सकल तीर्थ तक के सूत्र : २५८ पेज
६. प्रतिक्रमण,पौषध और पच्चक्खान के सूत्र, विधि और उनके हेतु : २३६ पेज
७. पाक्षिक प्रतिक्रमण सूत्र : ४५८ पेज

कुल १९७८ पेज

मूल्य : ५०० रुपये मात्र (ये ज्ञान ५ लाख (करोड़ भी) रुपये खर्च करने पर भी नहीं मिलेगा)

 

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फोटो :  साध्वीजी श्री चंद्राननाश्रीजी